गांव में रहकर बिजनेस करना चाहते हैं तो सरकार कर रही है मदद

आज भी बहु सारे लोग गाँव मे रहते हैं एवं अपने गाँव को नहीं छोड़ना चाहते। लेकिन हम सभी जानते हैं की गाँव में रहकर कमाना आसान नहीं होता है क्यूंकि गाँव में ज्यादा रोजगार उपलब्ध नहीं होता। आज के लेख में हम ऐसी योजना के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं जिसे सरकार ने शुरू किया है। इस योजना में कैसे रेजिस्ट्रैशन करना है, कितना कमा सकते हैं, क्या अन्य फायदा, आदि के बारे में बताएंगे।

सरकार ने एक ऐसा योजना की शुरुआत की है जिससे गाँव का युवा गाँव में रहकर ही पाने व्यवसाए की शुरुआत कर सकता हैं इस योजना का नाम “हर हित स्टोर योजना” है। उनको यह सुनहरा मोका प्राप्त होगा। इस योजना के अंतर्गत युवा अपना एक स्टोर खोल सकते हैं जिसको खोलने में सरकार इनकी मदद करेगी। इस योजना के माध्यम से रोजगार बढ़ाना भी है।

क्या है प्रोसेस, कैसे खोल सकते हैं खुद का रीटेल स्टोर ?

हर हित स्टोर योजना रेजिस्ट्रैशन करना होगा। जिसके लिए आप ऑनलाइन आवेदन दे सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करना के लिए आप ऑनलाइन हर हित की वेबसाईट पर जा सकते हैं। आवेदन स्वीकरत होने पर आपको सुरक्षा राशि 10 हजार रुपए जमा करना होगा।

Village Store
Village Store
  • इस योजना के अंतर्गत वह सभी युवा जिनकी आयु 21 वर्ष से लेकर 35 वर्ष तक है।
  • कम से कम 12 कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।
  • स्टोर या दुकान खोलने के लिए 200 वर्ग फुट की जगह होना चाहिए।

अगर रीटेल स्टोर खुल जाता है। तो सरकार आपको दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तु प्रदान करेगी जैसे, सोंदार्य प्रोडक्ट, आदि।

स्टोर खुलने से क्या फायदा होगा, कितना कमा सकेंगे?

यह बात निर्भर करती है की आपके स्टोर पर कितने ग्राहक आते हैं। अगर ग्राहक अच्छे आते हैं तो कमाई भी अच्छी हो सकती है। दुकान पर बेचने के लिए समान आपको सरकार से खरीदना होगा जिस पर आप 10 प्रतिशत मार्जिन रखकर अपना मुनाफा कमा सकते हैं।

हर हित स्टोर योजना हरियाणा सरकार ने शुरू की है। इसलिए इस योजना का लाभ फिलहाल सिर्फ हरियाणा के गाँव के युवा उठा पाएंगे।

अधिक एवं लैटस्ट जानकारी के लिए हमारे WhatsApp चैनल को जॉइन करें। क्लिक करें –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हाल ही में लिखा

HindiTreasure.com

Discover more from HindiTreasure.com

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading